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शिव कैलाशों के वासी लिरिक्स| Shiv Kailashon ke Washi Lyrics

 शिव कैलाशों के वासी लिरिक्स

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा

शंकर संकट हरना...शिव कैलाशों के वासी

शंकर संकट हरना शंकर संकट हरना


तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,

अंत बेअंत तेरी माया,

ओ भोले बाबा

अंत बेअंत तेरी माया


शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा

शंकर संकट हरना, शंकर संकट हरना


बेल की पत्तीयां भांग धतूरा

शिवजी के मन को लुभाए

ओ भोले बाबा

शिवजी के मन को लुभाए

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा....

शंकर संकट हरना, शंकर संकट हरना


एक था डेरा तेरा,चंबेरे चगाना

दूजा लाई दीतता भर मोरा

शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा....

शंकर संकट हरना, शंकर संकट हरना


शिव कैलाशों के वासी, धौलीधारों के राजा

शंकर संकट हारना, शंकर संकट हरना


ओ भोले बाबा....


शंकर संकट हरना

शंकर संकट हरना